सफेद मूसली के फायदे (Safedmusli benefits in Hindi)
सफेद मूसली का परिचय
सफेद मूसली एक शक्तिवर्धक औषधीय वनस्पति है जिसका आयुर्वेदिक औषधियों में बहुत प्रयोग किया जाता है। सफेद मूसली के जड़ और बीज का औषधियों में अधिक महत्व होता है। आयुर्वेद में अनेकों औषधियों के निर्माण में सफेद मूसली का प्रयोग किया जाता है। विशेषकर शक्तिवर्धक और वाजीकरण औषधिओं में इसका अधिक प्रयोग किया जाता है। इसकी जड़ों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, पोटैशियम ,फाइबर , कैल्शियम तथा मैग्नीशियम आदि तत्व पाए जाते हैं। इसका कंद औषधीय गुणों से भरपूर होता है जिसका प्रयोग अनेकों रोगों में किया जाता है। यह एक अद्भुत औषधि है।
यह कामोत्तेजक और कफ को हरने वाला माना जाता है। यह हृदय विकार और डायबिटीज जैसे रोगों में भी बहुत फायदा करता है।यह सांस के रोग में बहुत लाभकारी माना जाता है। और खून की कमी या अनिमिया जैसे रोगों को दूर करता है इसके अलावा यह अनेकों रोगों में इसका अन्य औषधियों के साथ प्रयोग करके लाभ उठाया जा सकता है। आयुर्वेद शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि सफेद मूसली का अन्य औषधियों के साथ प्रयोग करके बहुत रोगों को नष्ट किया जा सकता है। यह एक सुपर फूड की श्रेणी में आता है। एक स्वस्थ व्यक्ति भी यदि इसका प्रयोग करें तो वह अपने स्वास्थ्य को उत्तम बनाऐ रख सकता है और अधिक शक्ति प्राप्त कर सकता है इसमें कोई संदेह नहीं। सफेद मूसली जंगलों में पाई जाती है यद्यपि आज आधुनिक युग में इसकी अधिक मांग होने की वजह से इसको खेती के रूप में भी पैदा किया जाता है। कई बड़ी कंपनियां इसको फार्मिंग करके उगाती हैं। तथा भारत के कई राज्यों में किसान भी इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा प्राप्त करते हैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी अधिक मांग होने के कारण भारत से इसका विदेशों में भी निर्यात किया जाता है।
अन्य भाषाओं में सफेद मूसली के नाम
वैज्ञानिक नाम -- क्लोरोफॉर्म सैलिसिलिक (Chlorophytum borivilianum santapaul)
कुल नाम --- Liliaceae
अंग्रेजी नाम --- इण्डियन स्पाइडरी प्वाइन्ट (Indian spidry plant)
हिंदी नाम --- श्वेत मूसली
उर्दू नाम --- मूसली सफेद
तमिल नाम --- तनीरवीथंग
मराठी नाम --- कुलई
मलयालम नाम --- महादेवीली
सफेद मूसली के फायदे
Safed musli Benefits & Uses in Hindi
कमजोरी दूर करने में सफेद मूसली के फायदे ( Safed Musli Helps to fight Weakness in Hindi)
असंतुलित आहार या अन्य किसी कारण से शरीर में कमजोरी आ जाती है। शरीर की इस कमजोरी को दूर करने के लिए आहार के अतिरिक्त हमें कुछ अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जिनके सेवन से शरीर में आई कमजोरी दूर हो जाती है। इस कमजोरी को दूर करने के लिए सफेद मूसली एक अच्छा विकल्प है। यदि आयुर्वेद के अनुसार इसका सेवन किया जाए तो शरीर में आई कमजोरी को दूर किया जा सकता है। सफेद मूसली के कंद का चूर्ण दो से चार ग्राम की मात्रा में लेकर प्रतिदिन उसे दूध के साथ सेवन करना चाहिए और इसका सेवन लगभग 90 दिन तक लगातार करना चाहिए ऐसा करने से शरीर में एक नई शक्ति का संचार होता है और कमजोरी दूर होकर शरीर ताकतवर बनता है।
शुक्राणु को बढ़ाने में सफेद मूसली के फायदे Safed Musli Benefits to Boost sperm Quality in Hindi
• कई पुरुषों में शरीर में हुई कुछ कमियों के कारण वीर्य में शुक्राणुओं की कमी हो जाती है जिसके कारण वह संतान उत्पत्ति करने के लायक नहीं रह पाते। इस समस्या से परेशान होने की आवश्यकता नहीं इसमें सफेद मूसली पूर्ण रूप से कारगर औषधि है। बस हमें यह पता होना चाहिए कि इसका सेवन किस प्रकार कितनी मात्रा में और कितने दिन तक करना है। 4 ग्राम सफेद मूसली का चूर्ण और उसमें समान मात्रा में शक्कर मिलाकर गाय के दूध के साथ लगभग 90 दिनों तक लगातार सेवन करने से अवश्य ही शुक्राणु की कमी दूर हो जाती। अच्छे परिणाम के लिए सुबह खाली पेट और रात को सोते समय दोनों समय लेना चाहिए। परंतु इसमें ध्यान देने योग्य बात यह है कि जब आप सुबह खाली पेट इस औषधि को ले तो लगभग 2 घंटे तक कुछ खाए पिए ना इससे आपकी औषधि अच्छे ढंग से काम करेगी। और इसमें परहेज रखने की भी आवश्यकता है।खट्टा,तला हुआ और बाजार की चीजो का सेवन न करें। शक्कर के स्थान पर आप इसमें धागे वाली मिश्री का भी प्रयोग कर सकते हैं। परंतु ध्यान रहे मिश्री नकली नहीं होनी चाहिए।
कामेच्छा को बढ़ाने में सफेद मूसली के फायदे
Safed Musli benefits in Sexual dysfunction in Hindi
आज इस आधुनिक युग में गलत खानपान और रहन-सहन के कारण कामेच्छा की कमी पाई जाती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए सफेद मूसली एक ऊत्तम औषधि है।सफेद मूसली, गिलोय सत, गोखरू, अश्वगंधा, शतावर, सेमलकंद ,आंवला और मिश्री मिलाकर दिन में दो बार दूध के साथ सेवन करने से अवश्य ही लाभ मिलता है। अच्छे परिणाम के लिए लगातार 90 दिन तक इसका सेवन करें और परहेज से रहे। खट्टा तला हुआ और बाजार में बनी हुई चीजों का प्रयोग ना करें।
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